Shri Ram Stuti Lyrics – श्री रामचन्द्र कृपालु भजु मन (Hindi and English)

॥ जय श्री रघुनाथ ॥ 🙏 क्या आपका मन अशांत है? क्या आप जीवन की कठिनाइयों से घबराए हुए हैं? गोस्वामी तुलसीदास जी द्वारा रचित “श्री रामचन्द्र कृपालु भजु मन” (Shri Ram Stuti Lyrics) एक ऐसा दिव्य मंत्र है, जो ‘भवसागर’ के भय को पल भर में हर लेता है।

इसे विनय पत्रिका और रामचरितमानस के अद्भुत संयोग के रूप में देखा जाता है। इस स्तुति में भगवान राम के अलौकिक सौंदर्य, उनकी भुजाओं के बल और भक्तों के प्रति उनकी करुणा का वर्णन है।

जब हम गाते हैं “इति वदति तुलसीदास शंकर, शेष मुनि मन रंजनं”, तो हमें यह अहसास होता है कि भगवान राम केवल मनुष्यों के ही नहीं, बल्कि स्वयं शिव और मुनियों के मन को भी आनंद देने वाले हैं।

आइए, प्रभु श्री राम के चरणों में अपना मन लगाएं और इस पावन स्तुति का पाठ करें।

जानकारी (Details)विवरण (Description)
स्तुति का नामश्री रामचन्द्र कृपालु भजु मन
देवतामर्यादा पुरुषोत्तम श्री राम
रचयितागोस्वामी तुलसीदास
ग्रंथ स्रोतविनय पत्रिका (मुख्य स्तुति) & रामचरितमानस (दोहा)
विशेष अवसरराम नवमी, दिवाली, नित्य पूजा
फलभय नाश और मन की शांति

Shri Ram Stuti in Hindi

॥दोहा॥

श्री रामचन्द्र कृपालु भजु मन
हरण भवभय दारुणं।
नव कंज लोचन कंज मुख
कर कंज पद कंजारुणं॥१॥

॥चौपाई॥

कन्दर्प अगणित अमित छवि
नव नील नीरद सुन्दरं।
पटपीत मानहुँ तड़ित रुचि शुचि
नोमि जनक सुतावरं॥२॥

भजु दीनबन्धु दिनेश दानव
दैत्य वंश निकन्दनं।
रघुनन्द आनन्द कन्द कोशल
चन्द दशरथ नन्दनं॥३॥

शिर मुकुट कुंडल तिलक
चारु उदारु अङ्ग विभूषणं।
आजानु भुज शर चाप धर
संग्राम जित खरदूषणं॥४॥

इति वदति तुलसीदास शंकर
शेष मुनि मन रंजनं।
मम हृदय कंज निवास कुरु
कामादि खलदल गंजनं॥५॥

मन जाहि राच्यो मिलहि सो
वर सहज सुन्दर सांवरो।
करुणा निधान सुजान शील
स्नेह जानत रावरो॥६॥

एहि भांति गौरी असीस सुन सिय
सहित हिय हरषित अली।
तुलसी भवानिहि पूजी पुनि-पुनि
मुदित मन मन्दिर चली॥७॥

॥सोरठा॥

जानी गौरी अनुकूल सिय
हिय हरषु न जाइ कहि।
मंजुल मंगल मूल वाम
अङ्ग फरकन लगे॥

रचयिता: गोस्वामी तुलसीदास

Shri Ram Stuti in English

॥Doha॥

Shri Ramchandra kripalu bhaju man
Haran bhav-bhay daarunam ।
Nav kanj lochan kanj mukh
Kar kanj pad kanjaarunam ॥1॥

॥Chaupai॥

Kandarp aganit amit chhavi
Nav neel neerad sundaram ।
Patpeet maanahun tadit ruchi shuchi
Nomi Janak sutavaram ॥2॥

Bhaju deenbandhu dinesh daanav
Daitya vansh nikandanam ।
Raghunand aanand kand Koshal
Chand Dashrath nandanam ॥3॥

Shir mukut kundal tilak
Chaaru udaar ang vibhushanam ।
Aajanu bhuj shar chaap dhar
Sangraam jit khar-dushanam ॥4॥

Iti vadati Tulsidas Shankar
Shesh muni man ranjanam ।
Mam hriday kanj nivaas kuru
Kaamaadi khal-dal ganjanam ॥5॥

Man jaahi raachyo milahi so
Var sahaj sundar saanwaro ।
Karuna nidhaan sujaan sheel
Sneh jaanat raavaro ॥6॥

Ehi bhaanti Gauri asees sun Siy
Sahit hiy harshit ali ।
Tulsi bhavaani hi pooji puni-puni
Mudit man mandir chali ॥7॥

॥Soratha॥

Jaani Gauri anukool Siy
Hiy harashu na jaai kahi ।
Manjul mangal mool vaam
Ang pharkan lage ॥

Rachayita: Goswami Tulsidas

भावार्थ

भक्तों की सुविधा के लिए यहाँ स्तुति का सरल अर्थ दिया गया है:

  1. श्री रामचन्द्र कृपालु…: हे मन! कृपालु श्री राम का भजन कर, जो संसार के भयानक भय (जन्म-मृत्यु) को दूर करने वाले हैं। जिनके नेत्र, मुख, हाथ और चरण लाल कमल के समान सुंदर हैं।
  2. कन्दर्प अगणित…: जिनकी छवि अनगिनत कामदेवों से भी सुंदर है। जो नए नीले बादल के समान श्याम वर्ण हैं और जिन्होंने बिजली के समान चमकने वाला पीतांबर धारण किया है। मैं जानकी पति (सीता वर) को नमन करता हूँ।
  3. इति वदति तुलसीदास…: तुलसीदास जी कहते हैं कि जो शिव और शेषनाग के मन को भी आनंदित करते हैं, वे श्री राम मेरे हृदय रूपी कमल में निवास करें और काम, क्रोध आदि दुष्टों का नाश करें।
  4. मन जाहि राच्यो…: (गौरी जी सीता जी को आशीष देती हैं) कि जिस सांवले वर (श्री राम) में तुम्हारा मन रम गया है, वही तुम्हें मिलेंगे। वे करुणा के सागर हैं और तुम्हारे स्नेह को जानते हैं।

श्री राम स्तुति के लाभ

  • भय मुक्ति: इसका पाठ “भवभय दारुणं” (संसार के डर) का नाश करता है।
  • विवाह बाधा निवारण: अंतिम पंक्तियाँ (गौरी आशीष) उन कन्याओं के लिए चमत्कारी मानी जाती हैं जिनके विवाह में विलंब हो रहा हो।
  • मानसिक शांति: यह स्तुति मन को स्थिरता और शांति प्रदान करती है।

निष्कर्ष

श्री राम स्तुति हमें यह विश्वास दिलाती है कि परमात्मा न केवल शक्तिमान हैं, बल्कि वे ‘दीनबंधु’ (गरीबों के सखा) और ‘करुणानिधान’ भी हैं। जब भी जीवन में अकेलापन महसूस हो, इस स्तुति का पाठ करें, आपको प्रभु की उपस्थिति का अनुभव अवश्य होगा।

🙏 जय सिया राम! 🙏 क्या यह स्तुति आपको शांति प्रदान करती है? अपनी उपस्थिति दर्ज कराने के लिए कमेंट में “Jai Shri Ram” अवश्य लिखें।

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