Shree Bhagwat Bhagwan Ki Aarti Lyrics श्री भागवत भगवान की है आरती

राधे-राधे! कलयुग में अगर कोई ग्रंथ साक्षात भगवान श्रीकृष्ण का स्वरूप माना जाता है, तो वह है श्रीमद्भागवत महापुराण। और इस पावन ग्रंथ की महिमा गाने वाली आरती है “श्री भागवत भगवान की है आरती, पापियों को पाप से है तारती।”

यह केवल एक आरती नहीं, बल्कि मोक्ष का मार्ग है। इसमें भागवत जी को “अमर ग्रंथ” और “मुक्ति पंथ” कहा गया है। माना जाता है कि जो व्यक्ति कथा सुनने के बाद या नित्य घर में इस आरती को गाता है, उसके जन्म-जन्मांतर के पाप धुल जाते हैं और उसे परम शांति (Peace) मिलती है। यह आरती “अंधकार मिटाने वाली ज्योति” के समान है।

अक्सर सत्संग में या घर पर गाते समय हम इसके कुछ महत्वपूर्ण शब्दों को भूल जाते हैं। इसलिए, iLoveBhajan पर हम आपके लिए इस पुण्यदायी आरती के संपूर्ण और शुद्ध लिरिक्स हिंदी (Hindi) और इंग्लिश (English) में लेकर आए हैं।

आइये, श्री हरि का स्मरण करें और श्रद्धा भाव से इस ‘शांति गीत’ को गाएं।

श्री भागवत भगवान की है आरती हिंदी में लिरिक्स

श्री भागवत भगवान की है आरती,
पापियों को पाप से है तारती ।

ये अमर ग्रन्थ ये मुक्ति पन्थ,
ये पंचम वेद निराला,
नव ज्योति जलाने वाला ।
हरि नाम यही हरि धाम यही,
यही जग मंगल की आरती
पापियों को पाप से है तारती ॥
श्री भागवत भगवान की है आरती.

ये शान्ति गीत पावन पुनीत,
पापों को मिटाने वाला,
हरि दरश दिखाने वाला ।
यह सुख करनी, यह दुःख हरिनी,
श्री मधुसूदन की आरती,
पापियों को पाप से है तारती ॥
श्री भागवत भगवान की है आरती.

ये मधुर बोल, जग फन्द खोल,
सन्मार्ग दिखाने वाला,
बिगड़ी को बनानेवाला ।
श्री राम यही, घनश्याम यही,
यही प्रभु की महिमा की आरती
पापियों को पाप से है तारती ॥
श्री भागवत भगवान की है आरती.

श्री भागवत भगवान की है आरती,
पापियों को पाप से है तारती ।

Shri Bhagwat Bhagwan Ki Hai Aarti,
Papiyon Ko Paap Se Hai Tarti.

Ye Amar Granth Ye Mukti Panth,
Ye Pancham Ved Nirala,
Nav Jyoti Jalane wala.
Hari Naam Yahi Hari Dham Yahi,
Yahi Jag Mangal Ki Aarti.
Papiyon Ko Paap Se Hai Tarti.
Shri Bhagwat Bhagwan Ki.

Ye Shanti Geet Pavan Puneet,
Papon Ko Mitane Wala,
Hari Darash Dikhane Wala.
Yah Sukh Karani,
Yah Duhkh Harini,
Shri Madhusoodan Ki Aarti,
Papiyon Ko Paap Se Hai Tarti.
Shri Bhagwat Bhagwan Ki.

Ye Madhur Bol,
Jag Phand Khol,
Sanmarg Dikhane Wala,
Bigadee Ko Banane Wala.
Shri Ram Yahi,
Ghanashyam Yahi,
Yahi Prabhu Ki Mahima Ki Aarti
Papiyon Ko Paap Se Hai Tarti.

Shri Bhagwat Bhagwan Ki Hai Aarti,
Papiyon Ko Paap Se Hai Tarti.

श्री भागवत आरती पढ़ने के चमत्कारिक लाभ

श्रीमद्भागवत को साक्षात भगवान श्री कृष्ण का ‘वांग्मय स्वरूप’ (शब्द रूप) माना जाता है। इसकी आरती “पापियों को पाप से है तारती” गाने से आत्मा शुद्ध होती है और जीवन में सकारात्मक ऊर्जा आती है:

  • पापों का नाश: आरती की मुख्य पंक्ति ही है “पापियों को पाप से है तारती”। जाने-अनजाने में हुए पापों के प्रायश्चित के लिए यह आरती सबसे अचूक उपाय है। यह आत्मा के मैल को धो देती है।
  • बिगड़ी तकदीर संवरना: आरती में कहा गया है “ये बिगड़ी को बनाने वाला, श्री राम यही घनश्याम यही”। जब जीवन में सब कुछ बिगड़ रहा हो, तो इस आरती का पाठ करने से प्रभु बिगड़े काम बना देते हैं और दुर्भाग्य सौभाग्य में बदल जाता है।
  • मानसिक शांति और सुख: इसे “शांति गीत पावन पुनीत” कहा गया है। जब मन बहुत बेचैन हो, तो इस आरती को सुनने या गाने से तत्काल मानसिक शांति (Mental Peace) मिलती है और क्रोध शांत होता है।
  • अज्ञान का नाश: “है मधुर बोल, जग फंद खोल” यह आरती अज्ञानता के अंधकार को मिटाकर ज्ञान का प्रकाश फैलाती है (नव ज्योति जगाने वाला)। यह जीवन का सही मार्ग (मुक्ति पंथ) दिखाती है।
  • हरि दर्शन का फल: भागवत भगवान की आरती करना साक्षात श्री बांके बिहारी की पूजा करने समान है। इससे घर में सुख-समृद्धि बनी रहती है और अंत समय में मोक्ष की प्राप्ति होती है।

विशेष टिप: भागवत जी की आरती करते समय थाली में शंख (Conch) और तुलसी दल जरूर रखें। आरती के बाद उस जल का छिड़काव पूरे घर में करें, इससे घर का वास्तु दोष खत्म हो जाता है।

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