॥ ॐ नमः शिवाय ॥ 🏔️ जब मन अशांत हो, जीवन में कठिनाइयां हों और कोई रास्ता न सूझ रहा हो, तो एक भजन ऐसा है जो मरहम का काम करता है “शिव कैलाशों के वासी” (Shiv Kailasho Ke Waasi)।
यह केवल एक गीत नहीं, बल्कि एक ‘करुण पुकार’ है। जब मास्टर सलीम (Master Saleem) अपनी रूहानी आवाज़ में गाते हैं “धौली धारों के राजा, शंकर संकट हारी”, तो लगता है जैसे हम साक्षात कैलाश पर्वत के चरणों में बैठे हैं।
इस भजन की सबसे बड़ी खूबसूरती इसकी सरलता (Simplicity) है। इसमें भक्त भगवान से धन-दौलत नहीं मांगता, बल्कि बस उनके “दया के हाथ” की कामना करता है। इसे सुबह की आरती या ध्यान (Meditation) के समय सुनना मानसिक शांति के लिए सर्वश्रेष्ठ माना जाता है।
आइए, भगवान आशुतोष के चरणों में अपनी अर्जी लगाएं।
| जानकारी (Details) | विवरण (Description) |
| भजन का नाम | शिव कैलाशों के वासी (Shiv Kailasho Ke Waasi) |
| लोकप्रिय गायक | मास्टर सलीम (Master Saleem) |
| शैली (Genre) | प्रार्थना / स्तुति (Prayer) |
| भाव | समर्पण और शांति (Surrender & Peace) |
| विशेष पंक्ति | “धौली धारों के राजा” (Dhauli Dharo Ke Raja) |
| उपयुक्त समय | सुबह की पूजा (Morning Prayer) |
Shiv Kailasho Ke Waasi Lyrics in Hindi
(शिव कैलाशों के वासी – हिंदी लिरिक्स)
शिव कैलाशों के वासी,
धौली धारों के राजा,
शंकर संकट हरना,
शंकर संकट हरना॥
तेरे कैलाशों का अंत ना पाया,
तेरे कैलाशों का अंत ना पाया,
अंत बेअंत तेरी माया,
ओ भोले बाबा,
अंत बेअंत तेरी माया।
शिव कैलाशों के वासी,
धौली धारों के राजा,
शंकर संकट हरना,
शंकर संकट हरना॥
बेल की पत्तियां, भांग धतूरा,
बेल की पत्तियां, भांग धतूरा,
शिव जी के मन को लुभाएँ,
ओ भोले बाबा,
शिव जी के मन को लुभाएँ।
शिव कैलाशों के वासी,
धौली धारों के राजा,
शंकर संकट हरना,
शंकर संकट हरना॥
एक था डेरा तेरा,
चम्बे रे चौगाना,
दुज्जा लाई दित्ता भरमौरा,
ओ भोले बाबा,
दुज्जा लाई दित्ता भरमौरा।
शिव कैलाशों के वासी,
धौली धारों के राजा,
शंकर संकट हरना,
शंकर संकट हरना॥
Shiv Kailasho Ke Waasi Lyrics in English
(Hinglish Version – Easy to Read)
Shiv Kailasho ke vaasi,
Dhauli dhaaron ke raaja,
Shankar sankat harna,
Shankar sankat harna॥
Tere Kailashon ka ant na paaya,
Tere Kailashon ka ant na paaya,
Ant be-ant teri maaya,
O Bhole Baba,
Ant be-ant teri maaya।
Shiv Kailasho ke vaasi,
Dhauli dhaaron ke raaja,
Shankar sankat harna,
Shankar sankat harna॥
Bel ki pattiyaan, bhaang dhatoora,
Bel ki pattiyaan, bhaang dhatoora,
Shiv ji ke mann ko lubhaayein,
O Bhole Baba,
Shiv ji ke mann ko lubhaayein।
Shiv Kailasho ke vaasi,
Dhauli dhaaron ke raaja,
Shankar sankat harna,
Shankar sankat harna॥
Ek tha dera tera,
Chambe re chaugaana,
Dujja laayi ditta Bharmaura,
O Bhole Baba,
Dujja laayi ditta Bharmaura।
Shiv Kailasho ke vaasi,
Dhauli dhaaron ke raaja,
Shankar sankat harna,
Shankar sankat harna॥
भावार्थ
इस भजन के शब्दों में छिपा अर्थ जानें:
- धौली धारों के राजा (Dhauli Dharo Ke Raja): ‘धौली धार’ (Dhauladhar) हिमालय की वह पर्वत श्रृंखला है जो हमेशा सफेद बर्फ से ढकी रहती है। शिव जी को इन सफेद पर्वतों का राजा कहा गया है।
- संकट हारी (Sankat Haari): सभी दुखों और मुसीबतों को हरने (मिटाने) वाले।
- हाथ दया का लगा जा: यह सबसे भावुक पंक्ति है। इसका अर्थ है— “हे प्रभु, मुझे धन नहीं चाहिए, बस मेरे सिर पर अपना आशीर्वाद का हाथ रख दीजिये ताकि मुझे शांति मिले।”
- भाग्य विधाता: किस्मत लिखने वाले।
Conclusion (निष्कर्ष)
“शिव कैलाशों के वासी” हमें सिखाता है कि ईश्वर से मांगना कैसे है। यह भजन अहंकार (Ego) को मिटाकर समर्पण (Surrender) का भाव जगाता है।
अगर आपके घर में बुजुर्ग हैं, तो उन्हें यह भजन बहुत पसंद आएगा। इसे सुबह-सुबह धीमी आवाज़ में बजाएं और घर का माहौल बदलता हुआ महसूस करें।
🙏 जय शंकर की! 🙏 क्या यह भजन आपको शांति देता है? कमेंट में “Om Namah Shivay” लिखकर अपनी हाजिरी लगाएं।
⚠️ Disclaimer (अस्वीकरण):
All lyrics are property and copyright of their original owners. These are provided here for educational and devotional purposes only.






