विद्या, कला और संगीत की अधिष्ठात्री देवी माँ सरस्वती को हमारा नमन! चाहे स्कूल की सुबह की प्रार्थना हो, बसंत पंचमी (Vasant Panchami) का पावन अवसर हो, या किसी परीक्षा (Exam) से पहले की घबराहट माँ शारदे का आशीर्वाद ही हमें अज्ञानता के अंधकार से निकालकर ज्ञान के प्रकाश की ओर ले जाता है।
“ॐ जय सरस्वती माता, मैया जय सरस्वती माता” केवल एक आरती नहीं, बल्कि छात्रों और कलाकारों के लिए एक शक्ति मंत्र है। इसे गाने से मन एकाग्र (Focus) होता है और बुद्धि (Intellect) कुशाग्र होती है।
इस पोस्ट में हम आपके लिए लेकर आए हैं: हम जानते हैं कि पूजा के समय शुद्ध उच्चारण कितना महत्वपूर्ण है। इसलिए यहाँ आपको मिलेगा:
- Saraswati Mata Aarti Lyrics in Hindi: त्रुटिहीन और शुद्ध हिंदी बोल।
- English Script: हिंग्लिश में, ताकि बच्चे या अहिन्दी भाषी भी आसानी से गा सकें।
- आरती का महत्व: हंसवाहिनी की कृपा पाने का सरल तरीका।
आइए, वीणावादिनी माँ के चरणों में यह आरती अर्पित करें और ‘सद्बुद्धि’ का वरदान मांगें।
जय सरस्वती माता आरती लीरिक्स हिन्दी में
जय सरस्वती माता,
मैया जय सरस्वती माता।
सदगुण वैभव शालिनी,
त्रिभुवन विख्याता॥
जय जय सरस्वती माता॥
चन्द्रवदनि पद्मासिनि,
द्युति मंगलकारी।
सोहे शुभ हंस सवारी,
अतुल तेजधारी॥
जय जय सरस्वती माता॥
बाएँ कर में वीणा,
दाएँ कर माला।
शीश मुकुट मणि सोहे,
गल मोतियन माला॥
जय जय सरस्वती माता॥
देवी शरण जो आए,
उनका उद्धार किया।
पैठी मंथरा दासी,
रावण संहार किया॥
जय जय सरस्वती माता॥
विद्या ज्ञान प्रदायिनि,
ज्ञान प्रकाश भरो।
मोह अज्ञान और तिमिर का,
जग से नाश करो॥
जय जय सरस्वती माता॥
धूप दीप फल मेवा,
माँ स्वीकार करो।
ज्ञानचक्षु दे माता,
जग निस्तार करो॥
जय जय सरस्वती माता॥
माँ सरस्वती की आरती,
जो कोई जन गावे।
हितकारी सुखकारी,
ज्ञान भक्ति पावे॥
जय जय सरस्वती माता॥
जय सरस्वती माता,
जय जय सरस्वती माता।
सदगुण वैभव शालिनी,
त्रिभुवन विख्याता॥
सरस्वती वंदना-
या कुन्देन्दुतुषारहारधवला या शुभ्रवस्त्रावृता,
या वीणावरदण्डमण्डितकरा या श्वेतपद्मासना ।
या ब्रह्माच्युत शंकरप्रभृतिभिर्देवैः सदा वन्दिता,
सा मां पातु सरस्वती भगवती निःशेषजाड्यापहा ॥1॥
शुक्लां ब्रह्मविचार सार परमामाद्यां जगद्व्यापिनीं,
वीणा-पुस्तक-धारिणीमभयदां जाड्यान्धकारापहाम् ।
हस्ते स्फटिकमालिकां विदधतीं पद्मासने संस्थिताम्,
वन्दे तां परमेश्वरीं भगवतीं बुद्धिप्रदां शारदाम् ॥2॥
सरस्वती मंत्र- सरस्वति नमस्तुभ्यं वरदे कामरूपिणि । विद्यारम्भं करिष्यामि सिद्धिर्भवतु मे सदा ॥
Saraswati Mata Aarti Lyrics in English
Jai Saraswati Mata,
Maiya Jai Saraswati Mata.
Sadgun Vaibhav Shalini,
Tribhuvan Vikhyata॥
Jai Jai Saraswati Mata॥
Chandravadanī Padmasini,
Dyuti Mangalkaari.
Sohe Shubh Hans Sawari,
Atul Tejdhari॥
Jai Jai Saraswati Mata॥
Baayein Kar Mein Veena,
Daayein Kar Mala.
Sheesh Mukut Mani Sohe,
Gal Motiyan Mala॥
Jai Jai Saraswati Mata॥
Devi Sharan Jo Aaye,
Unka Uddhaar Kiya.
Paithi Manthra Daasi,
Raavan Sanhaar Kiya॥
Jai Jai Saraswati Mata॥
Vidya Gyaan Pradayini,
Gyaan Prakash Bharo.
Moh, Agyan Aur Timir Ka,
Jag Se Naash Karo॥
Jai Jai Saraswati Mata॥
Dhoop Deep Phal Meva,
Maa Sweekaar Karo.
Gyaan Chakshu De Mata,
Jag Nistaar Karo॥
Jai Jai Saraswati Mata॥
Maa Saraswati Ki Aarti,
Jo Koi Jan Gaave.
Hitkaari Sukhkaari,
Gyaan Bhakti Paave॥
Jai Jai Saraswati Mata॥
Jai Saraswati Mata,
Jai Jai Saraswati Mata.
Sadgun Vaibhav Shalini,
Tribhuvan Vikhyata॥
Saraswati Vandana–
Ya Kundendu Tushaar Haar Dhavala,
Ya Shubhra Vastraavrita,
Ya Veena Var Dand Mandit Kara,
Ya Shweta Padmasana.
Ya Brahma Achyut Shankar Prabhritibhir,
Devaih Sada Vandita,
Sa Maa Paatu Saraswati Bhagwati,
Nihshesh Jaadyaapaha॥1॥
Shuklaam Brahmavichaar Saar Paramaam,
Aadyaam Jagadvyapineem,
Veena Pustak Dharineem Abhayadaam,
Jaadya Andhkaar Apahaam.
Haste Sphatik Maalikaam Vidadhateem,
Padmasane Sansthitaam,
Vande Taam Parmeshwareem Bhagwateem,
Buddhipradaam Shaaradaam॥2॥
Saraswati Mantra–
Saraswati Namastubhyam,
Varade Kaamroopini.
Vidyaarambham Karishyaami,
Siddhir Bhavatu Me Sada॥
आरती का भाव और महत्व
माँ सरस्वती केवल ज्ञान की देवी ही नहीं, बल्कि बुद्धि, विवेक और कला की भी स्रोत हैं। इस आरती में हम माँ के विभिन्न रूपों की स्तुति करते हैं:
- हंसवाहिनी (Hansavahini): आरती में माँ को ‘हंस’ की सवारी करते हुए बताया गया है। हंस ‘नीर-क्षीर विवेक’ (पानी और दूध को अलग करने की क्षमता) का प्रतीक है। यह हमें सिखाता है कि जीवन में क्या सही है और क्या गलत, इसकी पहचान कैसे करें।
- पद्मासन (Padmasan): माँ कमल (Lotus) पर विराजमान हैं, जो यह संदेश देता है कि कीचड़ (बुराइयों) के बीच रहकर भी हमें पवित्र और सुंदर बने रहना चाहिए।
- वीणापाणि (Veenapani): माँ के हाथों में वीणा संगीत और ललित कलाओं का प्रतीक है। यह जीवन में मधुरता और लय (Rhythm) लाने की प्रेरणा देती है।
आरती करने के लाभ
शास्त्रों के अनुसार, नियमित रूप से माँ शारदे की आरती करने से कई चमत्कारिक लाभ मिलते हैं:
- एकाग्रता (Focus): जो छात्र पढ़ाई में मन नहीं लगा पाते या जल्दी भूल जाते हैं, उन्हें यह आरती जरूर करनी चाहिए। इससे स्मरण शक्ति (Memory) तेज होती है।
- वाणी में मधुरता: यदि किसी की वाणी कठोर है या बोलने में झिझक (Stammering) होती है, तो माँ की कृपा से वाणी में ओज और मिठास आती है।
- कला में निपुणता: संगीत, नृत्य, लेखन या किसी भी कला क्षेत्र से जुड़े लोगों के लिए यह आरती सफलता की कुंजी है।
आरती के बाद क्षमा प्रार्थना के लिए त्वमेव माता च पिता त्वमेव (Tvameva Mata) श्लोक पढ़ें।
पूजा का सही समय
यूँ तो माँ की आराधना कभी भी की जा सकती है, लेकिन कुछ विशेष अवसर बहुत शुभ माने जाते हैं:
- बसंत पंचमी (Vasant Panchami): यह माँ सरस्वती का प्राकट्य दिवस है। इस दिन पीले वस्त्र पहनकर और पीली मिठाई (जैसे बूंदी या लड्डू) का भोग लगाकर आरती करना सर्वश्रेष्ठ माना जाता है।
- परीक्षा से पहले (Before Exams): एग्जाम के दिनों में सुबह नहाने के बाद यह आरती गाकर ही पढ़ाई शुरू करें।
- नवरात्रि (Navratri): नवरात्रि के अंतिम तीन दिन माँ सरस्वती की विशेष पूजा के लिए होते हैं।
प्रो टिप: पूजा में माँ को सफेद या पीले फूल (जैसे गेंदा या सफ़ेद कमल) जरूर चढ़ाएं, ये उन्हें अति प्रिय हैं।
निष्कर्ष
“जय सरस्वती माता” आरती हमें अज्ञान के अंधकार से निकालकर ज्ञान के प्रकाश (तसो मा ज्योतिर्गमय) की ओर ले जाती है। जब हम सच्चे मन से माँ को पुकारते हैं, तो वह हमारी बुद्धि को सही दिशा देती हैं और हमारे जीवन से जड़ता (Dullness) को दूर करती हैं।
अपने बच्चों को यह आरती जरूर सिखाएं, क्योंकि संस्कार ही सबसे बड़ी शिक्षा है।


2 thoughts on “Saraswati Mata Aarti Lyrics – जय सरस्वती माता मैया जय सरस्वती माता”