सर्वमंगल मांगल्ये शिवे सर्वार्थ साधिके… 🙏
भगवान शिव की अर्धांगिनी और जगत जननी माँ पार्वती की महिमा अपरंपार है। चाहे अखंड सौभाग्य (सुहाग) की कामना हो या परिवार में सुख-शांति की चाह माँ गौरी की आराधना से सब कुछ संभव है।
“ॐ जय पार्वती माता, मैया जय पार्वती माता” आरती का गायन न केवल मन को शांति देता है, बल्कि यह शिव-शक्ति के अटूट बंधन को भी नमन है। विशेषकर हरतालिका तीज (Hartalika Teej), गणगौर (Gangaur) और सोमवार के व्रत में इस आरती का बहुत महत्व है।
इस पोस्ट में हम आपके लिए लेकर आए हैं: भक्ति में शब्दों की शुद्धता बहुत मायने रखती है। इसलिए यहाँ आपको मिलेगा:
- Parvati Mata Ki Aarti Lyrics in Hindi: पूजा के लिए बिल्कुल शुद्ध बोल।
- English Script: हिंग्लिश में, ताकि नई पीढ़ी भी आसानी से गा सके।
- आरती का भाव: जानें कि क्यों माँ को ‘ब्रह्मा सनातन’ और ‘जगदम्बा’ कहा जाता है।
आइए, श्रद्धाभाव से माँ उमा की आरती करें और अपने घर-परिवार के लिए मंगल कामना करें।
Parvati Mata Ki Aarti Lyrics in Hindi
जय पार्वती माता,
मैया जय पार्वती माता।
ब्रह्म सनातन देवी,
शुभ फल सदा दाता॥
जय पार्वती माता,
मैया जय पार्वती माता।
अरिकुल पद्म विनाशिनी,
जय सेवक त्राता॥
जग जीवन जगदम्बा,
हरिहर गुण गाता।
जय पार्वती माता,
मैया जय पार्वती माता॥
सिंह वाहन साजे शोभित,
कुंडल संग साथा।
देव वधू जहाँ गावत,
नृत्य कर ताथा॥
जय पार्वती माता,
मैया जय पार्वती माता॥
सत्ययुग शील सुसुंदर,
नाम सती कहलाता।
हेमांचल गृह जन्मी,
सखियन रंगराता॥
जय पार्वती माता,
मैया जय पार्वती माता॥
शुम्भ-निशुम्भ संहारी,
हेमांचल स्याता।
सहस भुजा तनु धरिके,
चक्र लियो हाथा॥
जय पार्वती माता,
मैया जय पार्वती माता॥
सृष्टि रूप तुही जननी,
शिव संग रंगराता।
नंदी-भृंगी बीन लाही,
सारा मदमाता॥
जय पार्वती माता,
मैया जय पार्वती माता॥
देवन अरज करत सब,
चित को लाता।
गावत दे दे ताली,
मन में रंगराता॥
जय पार्वती माता,
मैया जय पार्वती माता॥
श्री प्रताप आरती मैया,
जो कोई गाता।
सदा सुखी रहता,
सुख-संपत्ति पाता॥
जय पार्वती माता,
मैया जय पार्वती माता॥
Parvati Mata Ki Aarti Lyrics in English
Jai Parvati Mata,
Maiya Jai Parvati Mata.
Brahma Sanatan Devi,
Shubh Phal Kada Daata॥
Jai Parvati Mata,
Maiya Jai Parvati Mata.
Arikul Padma Vinaashini,
Jai Sevak Traata.
Jag Jeevan Jagdamba,
Harihar Gun Gaata॥
Jai Parvati Mata,
Maiya Jai Parvati Mata॥
Singh Ko Vaahan Saaje,
Kundal Hai Saatha.
Dev Vadhu Jahan Gaavat,
Nritya Kar Taatha॥
Jai Parvati Mata,
Maiya Jai Parvati Mata॥
Satyayug Sheel Susundar,
Naam Sati Kehlata.
Hemanchal Ghar Janmi,
Sakhiyan Rangraata॥
Jai Parvati Mata,
Maiya Jai Parvati Mata॥
Shumbh Nishumbh Vidaare,
Hemanchal Syaata.
Sahas Bhuja Tanu Dharike,
Chakra Liyo Haatha॥
Jai Parvati Mata,
Maiya Jai Parvati Mata॥
Srishti Roop Tuhi Janani,
Shiv Sang Rangraata.
Nandi Bhringi Been Laahi,
Saara Madmaata॥
Jai Parvati Mata,
Maiya Jai Parvati Mata॥
Devan Araj Karat Hum,
Chit Ko Laata.
Gaavat De De Taali,
Man Mein Rangraata॥
Jai Parvati Mata,
Maiya Jai Parvati Mata॥
Shri Pratap Aarti,
Maiya Ki Jo Koi Gaata.
Sada Sukhi Rehta,
Sukh Sampatti Paata॥
Jai Parvati Mata,
Maiya Jai Parvati Mata॥
निष्कर्ष: माँ पार्वती की आरती का महत्व और फल
“जय पार्वती माता” की आरती केवल शब्दों का गायन नहीं, बल्कि समर्पण और तपस्या की स्तुति है। जैसे माँ पार्वती ने कठोर तप से भगवान शिव को प्राप्त किया, वैसे ही यह आरती हमें जीवन में धैर्य और संकल्प (Determination) की प्रेरणा देती है।
विशेष लाभ:
- अखंड सौभाग्य: सुहागिन महिलाएं यदि हरतालिका तीज, करवा चौथ या मंगला गौरी व्रत पर यह आरती करती हैं, तो उन्हें अखंड सौभाग्य और पति की लंबी आयु का आशीर्वाद मिलता है।
- सुखद दांपत्य जीवन: जिन कन्याओं के विवाह में बाधा आ रही हो, या जिनके वैवाहिक जीवन में तनाव हो, उन्हें शिव-पार्वती की संयुक्त उपासना करनी चाहिए।
- संतान सुख: माँ गौरी अपने पुत्र गणेश और कार्तिकेय की तरह ही अपने भक्तों की संतानों की भी रक्षा करती हैं।
🙏 जय माँ गौरी! 🙏
क्या आप भी हर तीज-त्योहार पर माँ पार्वती का आशीर्वाद लेते हैं? अपनी हाजिरी लगाने के लिए नीचे कमेंट बॉक्स में “Jai Mata Di” या “जय माँ पार्वती” जरूर लिखें। माँ आपके परिवार में खुशहाली बनाए रखें।
अगला पाठ और संबंधित लिंक
माता पार्वती की पूजा उनके परिवार (शिव परिवार) के बिना अधूरी है। अपनी पूजा पूर्ण करने के लिए ये भी पढ़ें:
- शिव जी की आरती: माँ के साथ उनके स्वामी की स्तुति के लिए ॐ जय शिव ओंकारा आरती (Shiv Aarti) गाएं।
- गणेश जी की आरती: पूजा का आरम्भ माँ के लाडले पुत्र श्री गणेश जी की आरती से करें।
- दुर्गा आरती: नवरात्रि में माँ के शक्ति रूप की पूजा के लिए जय अम्बे गौरी (Durga Aarti) पढ़ें।

