॥ हरि ॐ ॥ 🧘♂️हम सारी जिंदगी सुख (Happiness) ढूंढने में बिता देते हैं। कभी पैसे में, कभी रिश्तों में, तो कभी सफलता में। लेकिन क्या वहां ‘सच्चा’ सुख मिलता है?
भजन “मिलता है सच्चा सुख केवल, भगवान तुम्हारे चरणों में” (Milta Hai Sachcha Sukh) हमें जीवन की सबसे बड़ी सच्चाई बताता है। यह भजन नहीं, एक ‘मरहम’ है। जब दुनिया की भीड़-भाड़ से मन थक जाए, तो यह गीत आपको वापस अपनी जड़ों और ईश्वर से जोड़ता है।
इसे अक्सर स्कूलों की प्रार्थना में या सत्संग के अंत में गाया जाता है। इसकी पंक्तियाँ “चाहे वैरी सब संसार बने, प्रभु तू ना हमें बिसराना” इतनी शक्तिशाली हैं कि गाते वक्त आँखों में आंसू आ ही जाते हैं। यह हमें सिखाता है कि अगर ईश्वर साथ है, तो दुनिया की कोई भी ताकत हमें तोड़ नहीं सकती।
आइए, दो पल शांति के निकालें और इस प्रार्थना में खो जाएं।
| जानकारी (Details) | विवरण (Description) |
| भजन का नाम | मिलता है सच्चा सुख (Milta Hai Sachcha Sukh) |
| शैली (Genre) | प्रार्थना / शांति (Prayer / Peace) |
| मुख्य भाव | समर्पण और सांत्वना (Surrender & Solace) |
| प्रसिद्धि | स्कूल प्रार्थना और शोक सभाओं में |
| सन्देश | ईश्वर ही एकमात्र सहारा है |
Milta Hai Sachcha Sukh Lyrics in Hindi
मिलता है सच्चा सुख केवल, भगवान तुम्हारे चरणों में।
यह विनती है पल-पल छिन-छिन, रहे ध्यान तुम्हारे चरणों में॥
॥ अंतरा 1 ॥
चाहे बैरी सब संसार बने, चाहे जीवन मुझ पर भार बने।
चाहे बैरी सब संसार बने, चाहे जीवन मुझ पर भार बने।
चाहे मौत गले का हार बने, रहे ध्यान तुम्हारे चरणों में॥
(मिलता है सच्चा सुख केवल…)
॥ अंतरा 2 ॥
चाहे अग्नि में मुझे जलना हो, चाहे काँटों पे मुझे चलना हो।
चाहे अग्नि में मुझे जलना हो, चाहे काँटों पे मुझे चलना हो।
चाहे छोड़ के देश निकलना हो, रहे ध्यान तुम्हारे चरणों में॥
(मिलता है सच्चा सुख केवल…)
॥ अंतरा 3 ॥
जिव्हा पर तेरा नाम रहे, तेरा ध्यान सुबह और शाम रहे।
जिव्हा पर तेरा नाम रहे, तेरा ध्यान सुबह और शाम रहे।
तेरी याद तो आठों याम रहे, रहे ध्यान तुम्हारे चरणों में॥
(मिलता है सच्चा सुख केवल…)
॥ अंतरा 4 ॥
कानों में तुम्हारे बोल रहें, दृग में भी तुम्हारा डोल रहे।
कानों में तुम्हारे बोल रहें, दृग में भी तुम्हारा डोल रहे।
मन में भी तुम्हारी याद रहे, रहे ध्यान तुम्हारे चरणों में॥
मिलता है सच्चा सुख केवल, भगवान तुम्हारे चरणों में।
यह विनती है पल-पल छिन-छिन, रहे ध्यान तुम्हारे चरणों में॥
Milta Hai Sachcha Sukh Lyrics in English
Milta Hai Sachcha Sukh Keval, Bhagwan Tumhare Charno Mein.
Yeh Vinti Hai Pal-Pal Chhin-Chhin, Rahe Dhyan Tumhare Charno Mein.
॥ Antara 1 ॥
Chahe Vairi Sab Sansar Bane, Chahe Jeevan Mujh Par Bhaar Bane.
Chahe Vairi Sab Sansar Bane, Chahe Jeevan Mujh Par Bhaar Bane.
Chahe Maut Gale Ka Haar Bane, Rahe Dhyan Tumhare Charno Mein.
(Milta Hai Sachcha Sukh Keval…)
॥ Antara 2 ॥
Chahe Agni Mein Mujhe Jalna Ho, Chahe Kaanton Pe Mujhe Chalna Ho.
Chahe Agni Mein Mujhe Jalna Ho, Chahe Kaanton Pe Mujhe Chalna Ho.
Chahe Chhod Ke Desh Nikalna Ho, Rahe Dhyan Tumhare Charno Mein.
(Milta Hai Sachcha Sukh Keval…)
॥ Antara 3 ॥
Jivha Par Tera Naam Rahe, Tera Dhyan Subah Aur Shaam Rahe.
Jivha Par Tera Naam Rahe, Tera Dhyan Subah Aur Shaam Rahe.
Teri Yaad To Aathon Yaam Rahe, Rahe Dhyan Tumhare Charno Mein.
(Milta Hai Sachcha Sukh Keval…)
॥ Antara 4 ॥
Kaanon Mein Tumhare Bol Rahein, Drig Mein Bhi Tumhara Dol Rahe.
Kaanon Mein Tumhare Bol Rahein, Drig Mein Bhi Tumhara Dol Rahe.
Man Mein Bhi Tumhari Yaad Rahe, Rahe Dhyan Tumhare Charno Mein.
Milta Hai Sachcha Sukh Keval, Bhagwan Tumhare Charno Mein.
भावार्थ
इस प्रार्थना के शब्द बहुत गहरे हैं:
- सच्चा सुख (Sachcha Sukh): सांसारिक सुख (गाड़ी, बंगला) अस्थायी है, लेकिन ईश्वर के चरणों में जो शांति है, वही ‘सच्चा सुख’ है जो कभी खत्म नहीं होता।
- वैरी (Vairi): दुश्मन। भक्त कहता है कि भले ही पूरी दुनिया मेरी दुश्मन बन जाए, मुझे परवाह नहीं, बस आपका हाथ मेरे सिर पर रहे।
- आठों याम (Aathon Yaam): एक दिन में 8 पहर (3-3 घंटे के) होते हैं। यानी 24 घंटे मुझे बस आपकी ही याद आए।
- पल-पल छिन-छिन: हर एक सेकंड।
निष्कर्ष
“मिलता है सच्चा सुख” हमें डर से मुक्ति दिलाता है। यह भजन हमें एहसास कराता है कि हम शरीर नहीं, आत्मा हैं और हमारा असली घर ईश्वर के चरण हैं।
जब भी आप अकेलापन महसूस करें, इस भजन को गुनगुनाएं। यह आपको अंदर से बहुत मजबूत बना देगा।
🙏 जय श्री हरि! 🙏 क्या यह प्रार्थना आपको भी सुकून देती है? कमेंट में “Jai Prabhu” लिखकर अपनी श्रद्धा व्यक्त करें।
⚠️ Disclaimer (अस्वीकरण):
All lyrics are property and copyright of their original owners. These are provided here for educational and devotional purposes only.




