Mahamrityunjay Mantra Lyrics – महामृत्युंजय मंत्र (ॐ त्र्यम्बकं यजामहे)

॥ ॐ नमः शिवाय ॥ 🕉️ शिव भक्ति की बात हो और महामृत्युंजय मंत्र (Mahamrityunjay Mantra) का जिक्र न हो, ऐसा असंभव है। इसे ‘मृत्यु को जीतने वाला मंत्र’ और ‘रुद्र मंत्र’ भी कहा जाता है।

यह ऋग्वेद का सबसे शक्तिशाली मंत्र है। जब जीवन में अकाल मृत्यु का भय हो, कोई असाध्य रोग हो, या घोर संकट आ पड़ा हो, तब इस मंत्र का जाप ही अंतिम सहारा बनता है। यह केवल एक प्रार्थना नहीं, बल्कि भगवान शिव (त्र्यम्बक – तीन नेत्रों वाले) का एक सुरक्षा कवच है।

इस पोस्ट में, हम आपको इस महामंत्र के शुद्ध लिरिक्स, इसका हिंदी और अंग्रेजी में अर्थ, और इसके जाप के अद्भुत फायदे बताएंगे। आइए, पूरी श्रद्धा के साथ महादेव का आह्वान करें।

जानकारी (Details)विवरण (Description)
मंत्र का नाममहामृत्युंजय मंत्र (Mahamrityunjay Mantra)
शुरुवातॐ त्र्यम्बकं यजामहे (Om Tryambakam Yajamahe)
स्रोतऋग्वेद (Rigveda) / यजुर्वेद
देवताभगवान शिव (रुद्र रूप)
मुख्य लाभअकाल मृत्यु से रक्षा, रोग निवारण, मोक्ष
जाप संख्या (सामान्य)108 बार

Mahamrityunjay Mantra Lyrics in Hindi

यह मंत्र छोटा है, लेकिन इसका उच्चारण शुद्ध होना बहुत जरूरी है:

॥ मंत्र ॥

ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्।
उर्वारुकमिव बन्धनान् मृत्योर्मुक्षीय मामृतात्॥

Mahamrityunjay Mantra Lyrics in English

॥ The Mantra ॥

Om Tryambakam Yajamahe Sugandhim Pushti-vardhanam।
Urvarukam-iva Bandhanan Mrityor-mukshiya Maamritat॥

Meaning of Mahamrityunjay Mantra (मंत्र का हिंदी अर्थ)

इस मंत्र का एक-एक शब्द बहुत गहरा है। आइए इसका सरल अर्थ समझते हैं:

  • ॐ (Om): ब्रह्मांड की मूल ध्वनि, ईश्वर का प्रतीक।
  • त्र्यम्बकं (Tryambakam): तीन नेत्रों वाले भगवान शिव (जो भूत, वर्तमान और भविष्य देखते हैं)।
  • यजामहे (Yajamahe): हम आपकी पूजा/आराधना करते हैं।
  • सुगन्धिं (Sugandhim): जो सुगंधित हैं (जिस तरह फूल अपनी सुगंध फैलाता है, शिव अपनी कृपा फैलाते हैं)।
  • पुष्टिवर्धनम् (Pushti-vardhanam): जो हमारा पोषण करते हैं और जीवन शक्ति बढ़ाते हैं।
  • उर्वारुकमिव (Urvarukam-iva): जैसे ककड़ी (Cucumber)।
  • बन्धनान् (Bandhanan): बेल (तने) के बंधन से।
  • मृत्योर्मुक्षीय (Mrityor-mukshiya): मृत्यु से मुक्त करें।
  • मामृतात् (Ma-amritat): लेकिन अमरता (मोक्ष) से नहीं।

सम्पूर्ण अर्थ: “हम तीन नेत्रों वाले भगवान शिव की पूजा करते हैं, जो सुगंधित हैं और सभी जीवों का पोषण करते हैं। जैसे पकी हुई ककड़ी अपने आप बेल के बंधन से टूटकर अलग हो जाती है, वैसे ही हे प्रभु! हमें भी मृत्यु के भय और सांसारिक बंधनों से मुक्त करें, और हमें मोक्ष (अमरता) प्रदान करें।”

Benefits of Chanting (जाप के लाभ)

  1. अकाल मृत्यु का भय खत्म: यह मंत्र दुर्घटना और असमय मृत्यु से रक्षा करता है।
  2. रोग निवारण: लंबी बीमारी में इस मंत्र का जाप औषधि का काम करता है।
  3. मानसिक शांति: यह तनाव, भय और चिंता को दूर करता है।
  4. सुरक्षा कवच: घर से निकलते समय इसे पढ़ने से यह यात्रा में रक्षा करता है।

Conclusion (निष्कर्ष)

महामृत्युंजय मंत्र शिव जी का सबसे बड़ा उपहार है। इसे अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाएं। रोज सुबह नहाने के बाद कम से कम 11 बार या एक माला (108 बार) इसका जाप जरूर करें।

🙏 ॐ नमः शिवाय! 🙏 क्या आपने कभी संकट के समय इस मंत्र की शक्ति महसूस की है? अपने अनुभव कमेंट में जरूर शेयर करें।

⚠️ Disclaimer (अस्वीकरण):

This is an ancient Vedic mantra. Proper pronunciation is recommended. Provided here for educational and devotional purposes only.

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