॥ ॐ नमः शिवाय ॥ 🔱 जीवन में जब संकट बड़ा हो, स्वास्थ्य बिगड़ रहा हो, या अकाल मृत्यु का भय सता रहा हो, तो सनातन धर्म में केवल एक ही ‘संजीवनी’ है “महामृत्युंजय मंत्र”।
ऋग्वेद का यह मंत्र भगवान शिव के ‘त्र्यम्बक’ (तीन नेत्रों वाले) स्वरूप को समर्पित है। पौराणिक कथाओं के अनुसार, इस मंत्र की रचना ऋषि मार्कण्डेय ने की थी, जिन्होंने यमराज को भी विवश कर दिया था और शिव जी से अमरता का वरदान प्राप्त किया था।
इसे ‘मृत्यु पर विजय पाने वाला मंत्र’ कहा जाता है। यह केवल प्राणों की रक्षा नहीं करता, बल्कि मानसिक तनाव और डिप्रेशन (Depression) जैसी समस्याओं के लिए भी रामबाण है। जब हम कहते हैं “उर्वारुकमिव बन्धनान्”, तो हम प्रार्थना करते हैं कि जैसे पका हुआ फल अपनी डाली से खुद-ब-खुद अलग हो जाता है, वैसे ही हम भी सांसारिक मोह-माया और कष्टों से मुक्त हो जाएं।
आइए, पूरी पवित्रता और शुद्ध उच्चारण के साथ इस महामंत्र का जाप करें।
| जानकारी (Details) | विवरण (Description) |
| मंत्र का नाम | महामृत्युंजय मंत्र |
| पहली पंक्ति | ॐ त्र्यम्बकं यजामहे |
| रचयिता | ऋषि मार्कण्डेय |
| देवता | भगवान शिव (रुद्र) |
| वेद | ऋग्वेद (मंडल 7) |
| मुख्य लाभ | अकाल मृत्यु से रक्षा, स्वास्थ्य और दीघार्यु |
Maha Mrityunjaya Mantra Lyrics in Hindi
॥ महामृत्युंजय मंत्र ॥
ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम् । उर्वारुकमिव बन्धनान् मृत्योर्मुक्षीय मामृतात् ॥
॥ लघु मृत्युंजय मंत्र ॥ (समय कम हो तो इसका जाप करें)
ॐ जूं सः माम् पालय पालय सः जूं ॐ।
Maha Mrityunjaya Mantra Lyrics in English
(Hinglish Version – For Easy Chanting)
Om Tryambakam Yajaamahe, Sugandhim Pushti-Vardhanam.
Urvaarukam-iva Bandhanaan, Mrityor-Muksheeya Maa-Amritaat.
Word-by-Word Meaning (मंत्र का अर्थ)
भक्तों को इसका अर्थ समझना बहुत जरूरी है ताकि जाप में भाव जुड़ सके:
- ॐ त्र्यम्बकं यजामहे: हम उन तीन नेत्रों वाले भगवान शिव (त्र्यम्बक) की पूजा करते हैं।
- सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्: जो सुगंधित हैं और जो सभी प्राणियों का पोषण (Pushti) करते हैं।
- उर्वारुकमिव बन्धनान्: जैसे खरबूजा (या ककड़ी) पकने पर अपनी बेल (बंधन) से खुद मुक्त हो जाता है (बिना किसी कष्ट के)।
- मृत्योर्मुक्षीय मामृतात्: वैसे ही हे प्रभु! हमें मृत्यु के बंधन से मुक्त करें, लेकिन अमरता (मोक्ष) से नहीं।
Benefits of Chanting (जाप के लाभ)
- सुरक्षा कवच: घर से निकलते समय इसका 3 बार जाप करना दुर्घटनाओं से बचाता है।
- रोग निवारण: बीमार व्यक्ति के पास बैठकर इस मंत्र का जाप करने से स्वास्थ्य में सुधार होता है।
- भय मुक्ति: यह मन से मृत्यु और अनहोनी का डर निकाल देता है।
- कुंडली दोष: जिन लोगों की कुंडली में अकाल मृत्यु का योग या मारकेश दशा हो, उनके लिए यह अनिवार्य है।
Conclusion (निष्कर्ष)
महामृत्युंजय मंत्र शिव जी की कृपा का सबसे बड़ा प्रमाण है। यह हमें सिखाता है कि जीवन का अंत दर्दनाक नहीं, बल्कि शांतिपूर्ण होना चाहिए।
सलाह: महाशिवरात्रि या सोमवार को रुद्राक्ष की माला पर इसका 108 बार जाप करना सर्वश्रेष्ठ माना जाता है।
🙏 हर हर महादेव! 🙏 क्या आपको इस मंत्र पर विश्वास है? भगवान शिव की कृपा पाने के लिए कमेंट बॉक्स में “Om Namah Shivay” लिखना न भूलें।




