जय श्री श्याम! 🙏 जीवन में कई बार ऐसा समय आता है जब भविष्य की चिंता हमें घेर लेती है। मन में सवाल उठते हैं कि “आगे क्या होगा?” लेकिन एक सच्चा श्याम प्रेमी जानता है कि जब डोर सांवरे के हाथ में हो, तो चिंता कैसी? “क्यूँ घबराऊँ मैं, मेरा तो श्याम से नाता है” भजन इसी अटूट विश्वास का प्रतीक है।
यह भजन खाटू श्याम जी के भक्तों के लिए एक ‘एंथम’ की तरह है। इसमें भक्त पूरे आत्मविश्वास से कहता है कि मेरी “जीवन गाड़ी” अब मैं नहीं, बल्कि मेरा श्याम चलाता है। जब संकट आने से पहले ही वो खड़ा हो, तो घबराने की कोई बात ही नहीं।
अगर आप भी अपनी सारी चिंताएं बाबा के चरणों में छोड़कर निश्चिंत होना चाहते हैं, तो यह भजन आपके लिए ही है। आइए, मिलकर गाएं और श्याम पर अपना भरोसा पक्का करें।
क्यूँ घबराऊँ मैं, मेरा तो श्याम से नाता है भजन लिरिक्स
क्यूँ घबराऊँ मैं,
मेरा तो श्याम से नाता है।
क्यूँ घबराऊँ मैं,
मेरा तो श्याम से नाता है।
मेरी ये जीवन गाड़ी,
श्याम चलाता है।
क्यूँ घबराऊँ मैं,
मेरा तो श्याम से नाता है।
जब-जब मुझको पड़ती है दरकार,
श्याम हमेशा रहता है तैयार।
श्याम ने मुझ पर किया बहुत उपकार,
श्याम ही मेरे जीवन का आधार।
हरदम ये मुझ पर अपना,
प्यार लुटाता है।
क्यूँ घबराऊँ मैं,
मेरा तो श्याम से नाता है।
दुःख के बादल जब-जब मंडराते,
श्याम नाम लेते ही छट जाते।
बाल भी बांका वो ना कर पाते,
कभी दुबारा नज़र नहीं आते।
संकट आने से पहले,
श्याम आता है।
क्यूँ घबराऊँ मैं,
मेरा तो श्याम से नाता है।
मेरे मन में आता जो भी ख्याल,
श्याम व्यवस्था करता है तत्काल।
हर पल मुझको ये ही रहा संभाल,
श्याम कृपा से मैं हूँ मालामाल।
जिसके लायक ही नहीं मैं,
वो मिल जाता है।
क्यूँ घबराऊँ मैं,
मेरा तो श्याम से नाता है।
श्याम भरोसे मैं निश्चिन्त हूँ,
क्योंकि मैं तो श्याम पे आश्रित हूँ।
श्याम चरण में पूर्ण समर्पित हूँ,
इसीलिए मैं सदा सुरक्षित हूँ।
जी भर के ‘बिन्नू’ को ये,
लाड लड़ाता है।
क्यूँ घबराऊँ मैं,
मेरा तो श्याम से नाता है।
मेरी ये जीवन गाड़ी,
श्याम चलाता है।
क्यूँ घबराऊँ मैं,
मेरा तो श्याम से नाता है।
क्यूँ घबराऊँ मैं,
मेरा तो श्याम से नाता है।
Kyu Ghabrau Main Mera To Shyam Se Nata Hai Lyrics in English
Kyun ghabraun main,
Mera to Shyam se naata hai.
Kyun ghabraun main,
Mera to Shyam se naata hai.
Meri ye jeevan gaadi,
Shyam chalata hai.
Kyun ghabraun main,
Mera to Shyam se naata hai.
Jab-jab mujhko padti hai darkaar,
Shyam hamesha rehta hai taiyaar.
Shyam ne mujh par kiya bahut upkaar,
Shyam hi mere jeevan ka aadhaar.
Hardam ye mujh par apna,
Pyaar lutata hai.
Kyun ghabraun main,
Mera to Shyam se naata hai.
Dukh ke baadal jab-jab mandraate,
Shyam naam lete hi chhat jaate.
Baal bhi baanka wo na kar paate,
Kabhi dubaara nazar nahin aate.
Sankat aane se pehle,
Shyam aata hai.
Kyun ghabraun main,
Mera to Shyam se naata hai.
Mere mann mein aata jo bhi khyaal,
Shyam vyavastha karta hai tatkaal.
Har pal mujhko ye hi raha sambhaal,
Shyam kripa se main hoon maalamaal.
Jiske laayak hi nahin main,
Wo mil jaata hai.
Kyun ghabraun main,
Mera to Shyam se naata hai.
Shyam bharose main nishchint hoon,
Kyunki main to Shyam pe aashrit hoon.
Shyam charan mein poorn samarpit hoon,
Isiliye main sada surakshit hoon.
Ji bhar ke ‘Binnu’ ko ye,
Laad ladhaata hai.
Kyun ghabraun main,
Mera to Shyam se naata hai.
Meri ye jeevan gaadi,
Shyam chalata hai.
Kyun ghabraun main,
Mera to Shyam se naata hai.
Kyun ghabraun main,
Mera to Shyam se naata hai.
यह भजन कब गाया जाता है? (Context)
“क्यूँ घबराऊँ मैं, मेरा तो श्याम से नाता है” भजन एक ‘आश्वासन’ का गीत है। जब इंसान अपने भविष्य, करियर, या परिवार की सुरक्षा को लेकर चिंतित होता है, या जब उसे लगता है कि मुसीबतें (Sankat) बहुत बड़ी हैं, तब यह भजन गाया जाता है। यह भजन मन के डर को निकालकर उसे आत्मविश्वास और शांति से भर देता है। यह पूरी तरह से ‘शरणागति’ के भाव पर आधारित है।
भजन का भावार्थ
इस भजन में भक्त (लेखक ‘बिन्नू’) ने अपनी निडरता का राज खोला है। आइए, इसका अर्थ समझते हैं:
- जीवन की डोर श्याम के हाथ (The Driver of Life): भक्त कहता है कि मुझे घबराने की कोई जरूरत नहीं है क्योंकि मेरा रिश्ता (नाता) सीधे खाटू नरेश से है। जैसे एक यात्री बस या ट्रेन में सो सकता है क्योंकि उसे ड्राइवर पर भरोसा है, वैसे ही मैं निश्चिंत हूँ क्योंकि मेरी ‘जीवन रूपी गाड़ी’ की स्टीयरिंग अब बाबा श्याम के हाथों में है। अब वो जिधर ले जाएं, वही मेरी मंजिल है।
- संकट से पहले सुरक्षा (Protection Before Crisis): यह लाइन बहुत ही शक्तिशाली है “संकट आने से पहले, श्याम आता है।” इसका अर्थ है कि बाबा श्याम अपने भक्तों की रक्षा के लिए मुसीबत आने का इंतज़ार नहीं करते, बल्कि मुसीबत आने से पहले ही ढाल बनकर खड़े हो जाते हैं। जब भी दुःख के बादल मंडराते हैं, श्याम नाम की हवा उन्हें उड़ा ले जाती है।
- योग्यता से बढ़कर मिलना (Grace Over Merit): भक्त बड़ी विनम्रता से स्वीकार करता है “जिसके लायक ही नहीं मैं, वो मिल जाता है।” अक्सर हम अपनी किस्मत को कोसते हैं, लेकिन यहाँ भक्त कह रहा है कि हे प्रभु! मेरी तो औकात (योग्यता) भी नहीं थी, फिर भी आपने मुझे इतना कुछ दिया है। यह आपकी असीम कृपा है कि मैं मालामाल हूँ।
- पूर्ण समर्पण और लाड (Total Surrender and Love): अंतिम पंक्तियों में भक्त कहता है कि वह श्याम चरण में पूरी तरह समर्पित (Surrendered) है। जब बच्चा माँ की गोद में होता है, तो उसे दुनिया की फ़िक्र नहीं होती। वैसे ही, श्याम अपने भक्त (बिन्नू) को लाड लड़ाते हैं, ख्याल रखते हैं। इसलिए, डर की कोई गुंजाइश ही नहीं है।
निष्कर्ष
इस भजन का सार यह है कि चिंता और विश्वास एक साथ नहीं रह सकते। अगर आपको श्याम पर भरोसा है, तो घबराहट अपने आप खत्म हो जाएगी। यह भजन हमें सिखाता है कि अपनी समस्याओं का बोझ खुद उठाने के बजाय, उसे अपने सांवरे सरकार पर छोड़ दें और निश्चिंत हो जाएं।
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