“हारे का सहारा, बाबा श्याम हमारा!” 🙏
जय श्री श्याम! कलयुग में भगवान श्री कृष्ण के अवतार माने जाने वाले खाटू श्याम जी (Khatu Shyam Ji) की महिमा अपरम्पार है। राजस्थान के खाटू धाम में विराजित बाबा श्याम केवल दर्शन मात्र से अपने भक्तों की बिगड़ी तकदीर बना देते हैं। उनकी नित्य उपासना के लिए सबसे प्रमुख आरती है “ॐ जय श्री श्याम हरे, बाबा जय श्री श्याम हरे।”
इस आरती में बाबा के दिव्य “अनुपम रूप”, उनके “शीश के दानी” स्वरूप और उनकी दयालुता का बहुत ही मार्मिक वर्णन है। मान्यता है कि जो भी व्यक्ति सच्चे मन से यह आरती गाता है, बाबा श्याम उसकी खाली झोली खुशियों से भर देते हैं।
अक्सर इंटरनेट पर आरती के शब्दों में त्रुटियां मिल जाती हैं। इसलिए, iLoveBhajan पर हम श्याम प्रेमियों के लिए इस पावन आरती के शुद्ध और प्रामाणिक लिरिक्स हिंदी (Hindi) और इंग्लिश (English) में लेकर आए हैं।
आइये, मोरछड़ी वाले श्याम बाबा का ध्यान करें और प्रेम से आरती गाएं।
खाटू श्याम बाबा की आरती के लिरिक्स हिंदी में
ॐ जय श्री श्याम हरे, बाबा जय श्री श्याम हरे ।
खाटू धाम विराजत, अनुपम रूप धरे॥
ॐ जय श्री श्याम हरे, बाबा जय श्री श्याम हरे ।
रतन जड़ित सिंहासन, सिर पर चंवर ढुरे ।
तन केसरिया बागो, कुण्डल श्रवण पड़े ॥
ॐ जय श्री श्याम हरे, बाबा जय श्री श्याम हरे ।
गल पुष्पों की माला, सिर पार मुकुट धरे ।
खेवत धूप अग्नि पर, दीपक ज्योति जले ॥
ॐ जय श्री श्याम हरे, बाबा जय श्री श्याम हरे ।
मोदक खीर चूरमा, सुवरण थाल भरे ।
सेवक भोग लगावत, सेवा नित्य करे ॥
ॐ जय श्री श्याम हरे, बाबा जय श्री श्याम हरे ।
झांझ कटोरा और घडियावल, शंख मृदंग घुरे ।
भक्त आरती गावे, जय-जयकार करे ॥
ॐ जय श्री श्याम हरे, बाबा जय श्री श्याम हरे ।
जो ध्यावे फल पावे, सब दुःख से उबरे ।
सेवक जन निज मुख से, श्री श्याम-श्याम उचरे ॥
ॐ जय श्री श्याम हरे, बाबा जय श्री श्याम हरे ।
श्री श्याम बिहारी जी की आरती, जो कोई नर गावे ।
कहत भक्त-जन, मनवांछित फल पावे ॥
ॐ जय श्री श्याम हरे, बाबा जय श्री श्याम हरे ।
जय श्री श्याम हरे, बाबा जी श्री श्याम हरे ।
निज भक्तों के तुमने, पूरण काज करे ॥
ॐ जय श्री श्याम हरे, बाबा जय श्री श्याम हरे ।
ॐ जय श्री श्याम हरे, बाबा जय श्री श्याम हरे।
खाटू धाम विराजत, अनुपम रूप धरे॥
ॐ जय श्री श्याम हरे, बाबा जय श्री श्याम हरे ।
Khatu Shyam Ji Ki Aarti Ke Lyrics in English
Om Jai Shri Shyam Hare, Baba Jai Shri Shyam Hare
Khatu Dhaam viraajat, anupam roop dhare
Om Jai Shri Shyam Hare, Baba Jai Shri Shyam Hare
Ratan jadit singhasan, sir par chanvar dhure
Tan kesariya baago, kundal shravan pade
Om Jai Shri Shyam Hare, Baba Jai Shri Shyam Hare
Gal pushpon ki mala, sir par mukut dhare
Khevat dhoop agni par, deepak jyoti jale
Om Jai Shri Shyam Hare, Baba Jai Shri Shyam Hare
Modak kheer choorma, suvaran thaal bhare
Sevak bhog lagaavat, seva nitya kare
Om Jai Shri Shyam Hare, Baba Jai Shri Shyam Hare
Jhaanjh katora aur ghadiyaaval, shankh mridang ghure
Bhakt aarti gaave, jai jaikaar kare
Om Jai Shri Shyam Hare, Baba Jai Shri Shyam Hare
Jo dhyaave phal paave, sab dukh se ubre
Sevak jan nij mukh se, Shri Shyam Shyam uchare
Om Jai Shri Shyam Hare, Baba Jai Shri Shyam Hare
Shri Shyam Bihari ji ki aarti, jo koi nar gaave
Kahat bhakt jan, manvaanchhit phal paave
Om Jai Shri Shyam Hare, Baba Jai Shri Shyam Hare
Jai Shri Shyam Hare, Baba ji Shri Shyam Hare
Nij bhakton ke tumne, pooran kaaj kare
Om Jai Shri Shyam Hare, Baba Jai Shri Shyam Hare
Om Jai Shri Shyam Hare, Baba Jai Shri Shyam Hare
Khatu Dhaam viraajat, anupam roop dhare
Om Jai Shri Shyam Hare, Baba Jai Shri Shyam Hare
बाबा श्याम कलयुग के जागृत देव हैं। उन्हें ‘हारे का सहारा’ कहा जाता है, इसलिए जो भक्त जीवन से निराश हो चुके हैं, उनके लिए यह आरती संजीवनी का काम करती है।
श्री खाटू श्याम आरती पढ़ने के चमत्कारिक लाभ
खाटू श्याम जी की आरती केवल शब्दों का गायन नहीं, बल्कि विश्वास की पुकार है। ग्यारस (एकादशी) या नित्य पूजा में इसे गाने से जीवन में चमत्कारी बदलाव आते हैं:
- हारे हुए को जीत (Support for the Defeated): बाबा को “हारे का सहारा” कहा जाता है। यदि कोई व्यक्ति व्यापार, नौकरी या जीवन की किसी परिस्थिति में बुरी तरह हार चुका है, तो इस आरती का पाठ उसे दोबारा खड़ा होने की शक्ति और सफलता देता है।
- शीघ्र मनोकामना पूर्ति: कलयुग में श्याम बाबा सबसे जल्दी प्रसन्न होने वाले देवता माने जाते हैं। आरती में कहा गया है— “जो ध्यावे फल पावे”। सच्चे मन से आरती करने वाले की हर मुराद बाबा झटपट पूरी कर देते हैं।
- संकटों से रक्षा: जिस तरह महाभारत में उन्होंने भीम के पौत्र बर्बरीक के रूप में अपनी शक्ति दिखाई थी, वैसे ही आज वे अपने भक्तों के हर संकट और कष्ट को अपने ऊपर ले लेते हैं।
- धन-धान्य की वृद्धि: “रिद्धि सिद्धि घर आवे”— श्याम बाबा दानी हैं (शीश के दानी)। उनकी आरती करने से घर में बरकत आती है और आर्थिक तंगी हमेशा के लिए खत्म हो जाती है।
- असीम शांति: बाबा के “अनुपम रूप” का ध्यान करते हुए आरती गाने से मन को बहुत सुकून मिलता है और चिंताएं दूर होती हैं।
विशेष उपाय: श्याम बाबा को कच्चा दूध और गुलाब के फूल बहुत प्रिय हैं। एकादशी के दिन उन्हें इत्र (Perfume) लगाकर यह आरती गाएं, बाबा आपकी झोली खुशियों से भर देंगे।


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